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वंतारा पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला: सभी आरोप खारिज

वंतारा विवाद क्या है?

वंतारा (Vantara) जामनगर, गुजरात में रिलायंस फाउंडेशन द्वारा स्थापित एक विशाल Animal Rescue and Rehabilitation Centre है। यहां 2,000 से अधिक प्रजातियों के 1.5 लाख से ज़्यादा जानवरों की देखभाल की जाती है। इसे अनंत अंबानी का ड्रीम प्रोजेक्ट भी कहा जाता है।

हाल ही में, मीडिया रिपोर्ट्स और कुछ एनजीओ ने आरोप लगाए कि वंतारा ने कुछ जानवरों को बिना मान्य परमिट के आयात किया और उनके रहने की परिस्थितियां उचित नहीं हैं। इन आरोपों के चलते मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा।

👉 वंतारा प्रोजेक्ट पर विस्तार से पढ़ने के लिए आप यह ब्लॉग देख सकते हैं: अनंत अंबानी के वंतारा में वन्यजीवों की देखभाल

सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप

आरोपों की गंभीरता को देखते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने एक Special Investigation Team (SIT) गठित की। इस टीम का काम था –

  • जानवरों के आयात और परमिट से जुड़े दस्तावेज़ों की जांच
  • वाइल्डलाइफ़ प्रोटेक्शन और ज़ू नियमों का पालन
  • पशु कल्याण और देखभाल की वास्तविक स्थिति का आकलन

सुप्रीम कोर्ट का फैसला (सितंबर 2025)

SIT की रिपोर्ट आने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि –

✅ वंतारा ने सभी जानवर मान्य परमिट और कानूनी प्रक्रिया के तहत प्राप्त किए हैं।
✅ Wildlife Protection Act, Zoo Rules और Import Laws का कोई उल्लंघन नहीं पाया गया।
✅ पशु कल्याण से जुड़ी शिकायतों को पर्याप्त आधारहीन बताया गया।
✅ एक ही तरह के आरोपों पर अब दोबारा कोई केस दर्ज नहीं होगा – न कोर्ट में, न किसी अन्य प्रशासनिक मंच पर।

अदालत ने इस फैसले के साथ वंतारा को पूरी तरह क्लीन चिट दे दी।

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