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भारत की कड़ी कार्रवाइयों के बाद पाकिस्तान की पलटवार नीतिभारत-पाकिस्तान संबंधों में नई दरार: कश्मीर हमले के बाद बढ़ता तनावभारत की कड़ी कार्रवाइयों के बाद पाकिस्तान की पलटवार नीति

भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों में एक बार फिर तनाव की लहर दौड़ गई है। हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की मृत्यु के बाद, दोनों देशों ने एक-दूसरे के खिलाफ कड़े कदम उठाए हैं। इस लेख में हम इन घटनाओं का विश्लेषण करेंगे और समझेंगे कि यह स्थिति क्षेत्रीय स्थिरता पर कैसे प्रभाव डाल सकती है।​

कश्मीर हमला: एक नई चुनौती

23 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में एक भीषण आतंकी हमला हुआ, जिसमें 26 लोग मारे गए, जिनमें 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक शामिल थे। इस हमले की जिम्मेदारी एक नए आतंकी संगठन ‘कश्मीर रेजिस्टेंस’ ने ली है, जिसके पाकिस्तान से संबंध होने का संदेह है। ​Politico+2Reuters+2The Guardian+2

भारत की प्रतिक्रिया

हमले के तुरंत बाद, भारत ने पाकिस्तान पर आतंकवाद को समर्थन देने का आरोप लगाया और कई कड़े कदम उठाए:​

  • सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया गया, जो 1960 से दोनों देशों के बीच जल वितरण का आधार रही है। ​
  • पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द कर दिए गए और सभी राजनयिकों को 48 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया गया।​
  • वाघा बॉर्डर को बंद कर दिया गया और सभी प्रकार की आवाजाही रोक दी गई।​
  • द्विपक्षीय व्यापार को पूर्ण रूप से निलंबित कर दिया गया।​

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमले के दोषियों को सजा दिलाने का संकल्प लिया है और कहा है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ कोई समझौता नहीं करेगा। ​Financial Times

पाकिस्तान की प्रतिकूल प्रतिक्रिया

भारत के कदमों के जवाब में, पाकिस्तान ने भी कई कठोर निर्णय लिए:​

  • भारतीय नागरिकों के वीजा रद्द कर दिए गए और SAARC वीजा छूट योजना को निलंबित कर दिया गया।​
  • भारतीय राजनयिकों की संख्या को 30 तक सीमित कर दिया गया।​
  • अपने हवाई क्षेत्र को भारतीय विमानों के लिए बंद कर दिया गया।​
  • सिंधु जल संधि को निलंबित करने की धमकी दी गई और कहा गया कि यदि भारत ने पाकिस्तान के हिस्से के पानी को रोका, तो इसे युद्ध की कार्यवाही माना जाएगा। ​

क्षेत्रीय और वैश्विक प्रभाव

भारत और पाकिस्तान दोनों परमाणु शक्ति संपन्न देश हैं, और उनके बीच बढ़ता तनाव न केवल दक्षिण एशिया बल्कि पूरे विश्व के लिए चिंता का विषय है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्थिति जल्द नहीं संभली, तो यह एक बड़े संघर्ष का रूप ले सकती है।​

निष्कर्ष

कश्मीर में हुआ आतंकी हमला और उसके बाद दोनों देशों की प्रतिक्रियाएं यह दर्शाती हैं कि भारत-पाकिस्तान संबंध कितने नाजुक हैं। आवश्यक है कि दोनों देश संयम बरतें और संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान खोजें, ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनी रहे।​

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