पंजाब-हरियाणा जल विवाद: BBMB ने डैम पर कब्जे को बताया गैरकानूनी, अदालत की शरण ली
भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) द्वारा हरियाणा को अतिरिक्त 8,500 क्यूसेक पानी जारी करने के आदेश के बाद पंजाब और हरियाणा के बीच जल विवाद और गहरा गया है। पंजाब सरकार ने इस निर्णय का विरोध करते हुए नंगल डैम और लोहंड नियंत्रण कक्ष पर पुलिस बल तैनात कर दिया, जिससे हरियाणा को पानी की आपूर्ति बाधित हो गई। BBMB ने इसे “असंवैधानिक और अवैध” बताते हुए पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है, जिसमें पंजाब पर जल आपूर्ति में बाधा डालने का आरोप लगाया गया है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पत्र लिखकर स्पष्ट किया कि पंजाब के पास अतिरिक्त पानी नहीं है और हरियाणा ने पहले ही अपने आवंटित हिस्से से 103% पानी उपयोग कर लिया है। उन्होंने कहा कि पंजाब ने मानवीय आधार पर 4,000 क्यूसेक पानी हरियाणा को दिया है, लेकिन अब और पानी देना संभव नहीं है, क्योंकि राज्य में जल स्तर पहले ही कम है और आगामी धान की बुवाई के लिए पानी की आवश्यकता है। The Indian Express
BBMB ने अपनी याचिका में कहा है कि पंजाब ने 1 मई को नंगल डैम और लोहंड नियंत्रण कक्ष पर पुलिस बल तैनात कर BBMB के अधिकारों का उल्लंघन किया है। पंजाब ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव के कारण सुरक्षा बढ़ाई गई है। BBMB ने यह भी बताया कि 23 अप्रैल को तकनीकी समिति की बैठक में हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली में पेयजल संकट को देखते हुए अतिरिक्त पानी जारी करने का निर्णय लिया गया था, लेकिन पंजाब ने इसका विरोध किया।
पंजाब सरकार ने अदालत में यह भी तर्क दिया कि हरियाणा और राजस्थान ने पहले ही अपने आवंटित हिस्से से अधिक पानी उपयोग कर लिया है, और अब वे सिंचाई के लिए पानी मांग रहे हैं, जिसे पेयजल संकट के नाम पर प्रस्तुत किया जा रहा है। पंजाब ने कहा कि राज्य में जल स्तर पहले ही कम है, और हरियाणा को अपने हिस्से के पानी का उचित उपयोग करना चाहिए था।
यह मामला अब पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में विचाराधीन है, और दोनों राज्यों के बीच जल विवाद को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है।



