माधुरी (हथिनी) की हालत वंतारा में पहले से बेहतर है, लेकिन उसे अभी भी गंभीर चिकित्सीय देखभाल की जरूरत है—उसके पैरों में चोट, एब्सेस, आर्थराइटिस और लगातार दर्द है, साथ ही विशेषज्ञ डॉक्टर उसकी हर दिन की दिनचर्या और इलाज पर काम कर रहे हैं। उसे हाइड्रोथेरेपी दी जा रही है, जिससे उसकी हड्डियों और जोड़ों का दर्द कुछ कम हो रहा है, उसकी डायट भी पूरी तरह से देखी जा रही है.
अदालत में याचिका किसने डाली
- माधुरी को वंतारा भेजने की याचिका PETA (People for the Ethical Treatment of Animals) इंडिया ने लगाई थी, जिसमें उसके स्वास्थ्य और कल्याण पर चिंता जताई गई थी.
- दूसरी ओर, जैन मठ (Nandani Math) ने मुंबई हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी कि माधुरी को वंतारा न भेजा जाये और उसकी देखरेख मठ में ही हो.
- बाद में महाराष्ट्र सरकार और नंदनी मठ ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका भी दाखिल की है ताकि माधुरी को वापस कोल्हापुर लाया जा सके.
- हजारों स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए, मौन रैली और विरोध प्रदर्शन किए, हाथों में पोस्टर लेकर माधुरी की वापसी की मांग की.
- नांदणी गांव और जैन मठ के श्रद्धालुओं की तरह कई लोग रो पड़े — यह सिर्फ एक जानवर की नहीं, बल्कि आस्था व परंपरा से जुड़े प्रतीक की विदाई थी.
- कोल्हापुर, इचलकरंजी, सांगली आदि क्षेत्रों में जैन समाज ने Reliance Jio के बहिष्कार तक की अपील की और राजनीतिक नेताओं पर दबाव बनाया.
- सोशल मीडिया पर #ReturnMadhuri ट्रेंड हुआ, लगभग 1.25 लाख लोगों ने याचिका पर हस्ताक्षर किए.
- स्थानीय नेता, मंत्री और धार्मिक संत लगातार माधुरी की वापसी के लिए अभियान चला रहे हैं, अनेक नेताओं ने कोर्ट में अफिडेविट दाखिल किए, सरकार पर दबाव बनाया.
अनंत अंबानी ने हथिनी माधुरी के वंतारा में स्थानांतरण पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि उनका रेस्क्यू सेंटर केवल सुप्रीम कोर्ट और बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेशों का पालन कर रहा है और स्थानांतरण उनकी इच्छा या पहल से नहीं हुआ है। उन्होंने स्थानीय जैन मठ और कोल्हापुर के लोगों की भावनाओं और धार्मिक महत्व का पूरा सम्मान किया है। वंतारा ने महाराष्ट्र सरकार और जैन मठ द्वारा माधुरी की वापसी के लिए कोर्ट में की जा रही याचिका का पूरा समर्थन करने का भी आश्वासन दिया है और कोर्ट से अनुमति मिलने पर माधुरी की सुरक्षित और सम्मानजनक वापसी के हर तरह का तकनीकी और चिकित्सीय सहयोग देने को तैयार है.
अनंत अंबानी ने सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी है यदि उनके वंतारा की भूमिका से कोल्हापुर के लोगों, जैन समुदाय या श्रद्धालुओं की भावनाओं को चोट पहुंची हो। उनका कहना है कि उनकी मंशा कभी भी धार्मिक भावनाओं का अपमान करने या कोई विवाद पैदा करने की नहीं थी.
इसके अलावा, वंतारा ने कोल्हापुर में माधुरी के लिए एक सैटेलाइट पुनर्वास केंद्र बनाने का प्रस्ताव दिया है, ताकि माधुरी वापस आए और उचित देखभाल और धार्मिक जरूरतों का सम्मान हो सके.
संक्षेप में, अनंत अंबानी की प्रतिक्रिया न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए सहयोगात्मक और संवेदनशील रही है, जिसमें वे समुदाय और पशुओं दोनों के हितों को संतुलित करने की कोशिश कर रहे हैं.अनंत अंबानी ने माधुरी के वंतारा में स्थानांतरण पर कहा है कि यह केवल कोर्ट के आदेश का पालन था, न कि उनकी इच्छा से। उन्होंने कोल्हापुर के लोगों और जैन मठ की भावनाओं का सम्मान किया है और माधुरी को वापस लाने के लिए महाराष्ट्र सरकार और जैन मठ द्वारा कोर्ट में किए जा रहे प्रयासों का पूरा समर्थन किया है। वंतारा ने सुरक्षित और सम्मानजनक वापसी के लिए तकनीकी और चिकित्सीय सहायता देने का आश्वासन भी दिया है। साथ ही, वंतारा ने माधुरी के लिए कोल्हापुर में सैटेलाइट रिहैबिलिटेशन सेंटर बनाने का प्रस्ताव रखा है। अनंत अंबानी ने कहा है कि उनकी भूमिका अदालत के आदेश का पालन करना थी, न कि विवाद पैदा करना, और अगर उनके कारण किसी की भावनाओं को ठेस पहुंची हो तो वे खेद व्यक्त करते हैं। यह प्रतिक्रिया सहयोगात्मक और संवेदनशील रही है